उत्तराखंड
बागेश्वर में बनेगा आधुनिक राज्य अतिथि गृह, निर्माण कार्य को मिली रफ्तार
देहरादून 18 जून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह निर्माण परियोजना को गति मिल गई है। गुरुवार को सचिवालय में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में परियोजना की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई तथा अधिकारियों को विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत आने वाली इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परियोजना का स्वरूप तैयार किया जाए तथा निर्माण कार्य गुणवत्ता और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह बागेश्वर तहसील के ग्राम ठेलापालन में लगभग 0.900 हेक्टेयर (45 नाली) भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्वतीय जनपदों में आयोजित सरकारी कार्यक्रमों, प्रशासनिक गतिविधियों और विशिष्ट अतिथियों के आवागमन के लिए बेहतर आवासीय एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बैठक में परियोजना का प्रारंभिक खाका प्रस्तुत किया गया, जिसमें भवन की संरचना, आवश्यक सुविधाओं और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सचिव ने निर्देश दिए कि अतिथि गृह में पर्याप्त संख्या में अतिथि कक्ष, बैठक कक्ष, प्रशासनिक कक्ष तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया जाए ताकि यह आने वाले वर्षों की जरूरतों को भी पूरा कर सके।
डॉ. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, बागेश्वर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना का प्रत्येक पहलू तकनीकी मानकों के अनुरूप हो तथा निर्माण गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने डीपीआर को शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक के दौरान अतिथि गृह परिसर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। सचिव ने कहा कि भविष्य में बढ़ने वाली गतिविधियों को देखते हुए पार्किंग क्षमता का समुचित प्रावधान आवश्यक है। इसके अलावा भवन में आवश्यक फर्नीचर, विद्युत उपकरण तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को भी डीपीआर में शामिल करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाएं मितव्ययता के सिद्धांतों के अनुरूप हों ताकि सरकारी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीपीआर के साथ स्थल चयन समिति की रिपोर्ट, जिला प्राधिकरण से प्राप्त ले-आउट स्वीकृति तथा अन्य आवश्यक अनुमतियां भी संलग्न की जाएं, जिससे परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया में किसी प्रकार का विलंब न हो।
बैठक में अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, बागेश्वर के अधिशासी अभियंता इंजी. एस.के. पाण्डे और सहायक अभियंता इंजी. तनीशा पांगती ने परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विकासपरक सोच के अनुरूप बागेश्वर में बनने वाला यह राज्य अतिथि गृह प्रशासनिक गतिविधियों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही जिले में आने वाले विशिष्ट अतिथियों और अधिकारियों के लिए आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आवासीय व्यवस्था प्रदान करेगा। सरकार की प्राथमिकता है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी की जाए।
