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मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का किया शुभारंभ…

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मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का किया शुभारंभ…

टिहरी/ऋषिकेश, 16 मार्च। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को टिहरी जनपद के गंगा रिजॉर्ट, मुनिकीरेती में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि समग्र जीवन पद्धति है, जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का कार्य करता है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि आज विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले युवाओं में थकान और तनाव की समस्या बढ़ रही है, ऐसे में योग उनके लिए सबसे प्रभावी सहायक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने योग को बढ़ावा देने के लिए योग नीति 2025 बनाई है और प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सात दिवसीय इस महोत्सव में योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक प्रवचनों के साथ रन फॉर योगा, हेरिटेज वॉक और अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन जैसे विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। हजारों वर्ष पूर्व ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया था, वह आज पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन और मानसिक शांति का सशक्त आधार बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखने के बाद आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं बल्कि योगभूमि भी है और ऋषिकेश को विश्व की योग राजधानी के रूप में पहचान मिली है।

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उन्होंने बताया कि प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित हो रहे हैं और ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को आयुष विशेषज्ञों से परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही राज्य में औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। योग और आध्यात्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन स्थापित किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई उत्तराखंड खोज योजना का रिमोट दबाकर लोकार्पण भी किया।

कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग हमारी प्राचीन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और ऋषि-मुनियों ने योग व तप के माध्यम से कई सिद्धियां प्राप्त की हैं। वहीं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि योग के माध्यम से आज करोड़ों लोग निरोग जीवन जी रहे हैं और इस क्षेत्र की पहचान में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक प्रतीक जैन ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के लिए 2500 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और लगभग 150 योग संस्थाओं के सहयोग से यह आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में गुरुकुल कांगड़ी सहित विभिन्न संस्थाओं से आए योग साधकों ने योग की विभिन्न क्रियाओं का प्रदर्शन भी किया।

इस अवसर पर नगर पालिका मुनिकीरेती की अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, नगर निगम ऋषिकेश के अध्यक्ष शंभू पासवान, नगर पंचायत तपोवन की अध्यक्ष विनीता बिष्ट, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, स्वामी चिदानंद मुनि, महंत रविंद्र पुरी, भारत भूषण, योगाचार्य उषा माता सहित बड़ी संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।

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